एक युवा व्यवसायी जिसने अपनी सोच से बदल ली अपनी किमस्त; आज है करोड़ों की संपत्ति का मालिक

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सफलता सिर्फ उन्हें ही प्राप्त होती है जो इसे पाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं. प्रणव यादव भी उन्ही में से एक हैं जिन्होंने अपनी काबिलियत और मेहनत के दम पर कामयाबी हासिल की है. न्यूरो इनसाइट की स्थापना प्रणव यादव ने करी है. जिसने मार्केटिंग की तकनीक को ही पूरी तरह से बदल दिया है. मगर प्रणव के लिए यह सफर इतना आसान नहीं था.

टीवी विज्ञापनों पर दर्शकों की प्रतिक्रिया क्या निर्धारित करती है. प्रणव यादव और उनकी टीम इसका जवाब खोजने के लिए दिमागी गतिविधि पर ध्यान केंद्रित करती है. फर्म ने यह मापने के लिए एक पेटेंट ब्रेन-मैपिंग तकनीक विकसित करी है कि किस तरह दिमाग मार्केटिंग संचार पर प्रतिक्रिया करता है. ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन, यूनिलीवर, कंपनी नेस्ले, ट्विटर और गूगल सहित बहुत से बड़े ब्रांडों को सेवा प्रदान करती है.

भारत में प्रणव यादव का जन्म हुआ. कार्टर कॉलेज में भाग लेने के लिए प्रणव यादव को स्टार स्कॉलरशिप मिली थी. इस स्कॉलरशिप को लेने के लिए उनको पूरे एशिया में अव्वल आना पड़ा था. क्योंकि यह छात्रवृत्ति सिर्फ 6 बच्चों को ही मिलती होती है. उन्होंने 3 मेजर के साथ मैग्ना सह लाएड का खिताब अपने नाम किया है. फिर इसके बाद प्रणव यादव ने गोल्डमैन सेक्स के लिए सेल्समैन के रूप में काम करा है.

मगर वह अपने लिए काम करना चाहते थे. इस कारण उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और फिर बाद में उन्होंने न्यूरो-इनसाइट का आविष्कार भी करा. रिचर्ड सिल्बरस्टीन से भी उनकी मुलाकात कराई गई, जिन्होंने उन्हें सीईओ के पद की पेशकश करी और न्यूरो-इनसाइट एक न्यूरोमार्केटिंग फर्म भी है जिसने टीवी विज्ञापनों, प्रोग्रामिंग और प्लेटफॉर्म की गुणवत्ता का परीक्षण और सुधार करने के लिए एक पेटेंट ब्रेन-मैपिंग तकनीक विकसित भी करी है.

आपको बता दे प्रणव ने मार्केटिंग की जानकारी एकत्र कर लेने के लिए ब्रेन-मैपिंग तकनीक विकसित करी है. इससे ब्रांड यह जान पाते हैं कि मार्केटिंग को लेकर उपभोक्ताओं के मन में आखिर क्या चल रहा है और इससे काफी बेहतर बिक्री प्राप्त करने में बहुत ज्यादा मदद मिलती है और न्यूरो-मार्केटिंग भी ग्राहक वरीयताओं के “ईमानदार” संकेतकों पर आधारित है.

प्रणव का कहना हैं कि न्यूरो-इनसाइट यह बता सकता है कि क्या कोई भी ब्रांड संक्षिप्त डेटा का एक सेट खींचकर प्रतिध्वनित करता है या फिर नहीं और यह 2 काम करता होता है यह डायग्नोस्टिक है.

और हम लोगों को यह भी बता सकते हैं कि उनके विज्ञापन का आखिर क्या करना है ताकि वे इसे ऑप्टिमाइज़ कर पाए और इसके साथ ही यह मार्किट की सफलता की भविष्यवाणी भी कर सकता है. आज फोर्ब्स अंडर 30 बिजनेसमैन की लिस्ट में आज प्रणव यादव का नाम है.

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