कभी किराया देने के भी पैसे नहीं थे, लेकिन किस्मत में कुछ और ही लिखा था; आज है 20 करोड़ के मालिक

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एक समय था जब घर का किराया देने और खाना खाने तक के जेब में पैसे नहीं होते थे. मगर हिम्मत नहीं हारी राघव तिवारी ने अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर अभिनेता और लेखक बने. उसी का नतीजा है कि आज वह फिल्म इंडस्ट्री के दूसरे स्ट्रगलर्स की सहायता कर रहे हैं. आइए जानते हैं राघव के सक्सेस जर्नी के बारे में.

जयपुर के मानसरोवर से है नाता
राघव तिवारी जयपुर के मानसरोवर इलाके के रहने वाले हैं. परिवार में एक मां, एक छोटा भाई और उनकी पत्नी है. राघव ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जयपुर, राजस्थान से करी थी. इसके बाद पिता का तबादला मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में हो गया. वहां से ही उन्होंने 10वीं पास की. इसके बाद वापस जयपुर लौट गए.

जयपुर से 12वीं, ग्रेजुएशन और पीजी की पढ़ाई पूरी करी. कई बार विपरीत परिस्थितियों के कारण पढ़ाई छूट गई, मगर पिता से मिले साहस ने उन्हें हिम्मत नहीं हारने दी. और राजस्थान विश्वविद्यालय से अपने ही क्षेत्र नाट्यशास्त्र से स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया.

साल 2007 से शुरू हुआ था एक्टिंग करियर
साल 2007 में एक टीवी सीरियल की शूटिंग हो रही थी. डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी उस समय उपनिषद गंगा की शूटिंग कर रहे थे. वह वहां ऑडिशन देने पहुंचे और उनका चयन हो गया. यहीं से उनके अभिनय करियर की शुरुआत हुई और राघव ने अभिनय को अपना पेशा बनाने का फैसला कर लिया.

साल 2010 में फिल्मों में हुई थी एंट्री
फिल्मों में राघव तिवारी की एंट्री साल 2010 में हुई थी. साल 2010 में अभिनेता विनय पाठक की फिल्म ‘चलो दिल्ली’ में राघव ने पहली बार छोटी भूमिका निभाई थी. इस फिल्म के बाद वह साल 2011 में मुंबई गए और आगे के सफर के लिए संघर्ष करते रहे.

जब फ़िल्म मैरीकॉम के लिए आया फोन
राघव का कहना है कि ‘चलो दिल्ली’ फिल्म के बाद उन्हें कास्टिंग डायरेक्टर श्रुति महाजन का फोन आया. फिर इसके बाद राघव को फिल्म ‘मैरी कॉम’ के लिए चुना गया था. मगर जब मैरी कॉम फिल्म की शूटिंग पूरी हुई, तब तक उनके पिता की तबीयत खराब हो गई थी. राघव घर वापिस आए. उनकी यह फिल्म सितंबर में रिलीज हुई मगर अपने पिता की खराब हालत के कारण वह खुद फिल्म नहीं देख पाए.

नवंबर में पिता की मृत्यु हो गई. पिता के जाने के बाद वे पूरी तरह से टूट गए और बहुत लंबे समय तक मुंबई नहीं गए, साल 2016 में फिर मुंबई में चले गए और थिएटर क्लासेस शुरू कर दी नए-नए कलाकारों को भी सिखाया वह खुद क्राइम पेट्रोल जैसे शोज करते रहे. उसके बाद, वह एक अभिनेता और लेखक के रूप में टीवी और फिल्म उद्योग में फिर से सक्रिय हैं.

एक स्वतंत्र फिल्म निर्माता के रूप में काम शुरू किया
कभी खुद काम की तलाश में भटकते रहे राघव तिवारी अब नए संघर्ष करने वालों की मदद कर रहे हैं. वह जल्द ही अपना प्रोडक्शन हाउस भी शुरू करने वाले हैं. ताकि वहां नए टैलेंट को मौका दिया जा सके. इसके तहत वेब सीरीज के साथ वे फिल्में भी बनाएंगे.

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