कभी नुकसान झेल रही थी कंपनी, भारतीय महिला ने संभाली कमान; आज खड़ी कि 8000 करोड़ रुपये की कंपनी

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ऑनलाइन वीडियो प्लेटफॉर्म वीमियो (vimeo) को नैस्डैक पर लिस्ट करा गया था. कंपनी की सीईओ भारतीय मूल की अंजली सूद हैं, जिन्होंने बहुत ही ज्यादा घाटे में चल रही कंपनी को ऊंचाइयों पर पहुंचाया है. आइए जानते हैं अंजली सूद ने कैसे कामयाबी हासिल की है.

कंपनी में कड़ी महेनत कर बनी सीईओ

डेट्रॉइट में एक भारतीय जोड़े के घर अंजली सूद का जन्म हुआ था. जो की भारत से अमेरिका में बस गए थे. अंजली सूद ने साल 2005 में पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल से बी.एस.सी करी. फिर इसके बाद अंजली सूद ने साल 2011 में हार्वर्ड से एमबीए की पढ़ाई करी. साल 2014 में, अंजली सूद ने वीमियो में मार्केटिंग डायरेक्टर का पद संभाला. फिर अंजली सूद के काम ने कंपनी को इतना खुश करा कि वह साल 2017 में वीमियो की सीईओ बन गईं.

क्या काम करती है वीमियो कंपनी

वीमियो बहुत ही मशहूर और लोगो द्वारा पसंद करे जाने वाला वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है. फिलहाल इसके करीब 20 करोड़ यानी करीब 20 करोड़ से भी अधिक यूजर्स हैं. वीमियो की शुरुआत साल 2004 में जेक लॉडविक और जैच क्लेन ने करी थी. एक रिपोर्ट के मुताबिक, वीमियो के पास लगभग 1.5 मिलियन मतलब 1.5 मिलियन से ज्यादा भुगतान करने वाले ग्राहक थे. इसने अकेले चौथी तिमाही में 83.8 मिलियन डॉलर यानी करीब 600 करोड़ रुपये कमाए है.

कभी हो रहा था घाटा, अब कंपनी की कीमत है 1 अरब डॉलर

साल 2014 में जब अंजली सूद कंपनी की मार्केटिंग डायरेक्टर बनीं, तब यह कंपनी यूट्यूब और नेटफ्लिक्स से टक्कर ले रही थी, क्योंकि यह बिना विज्ञापनों वाले प्लेटफॉर्म था. अंजली सूद ने कंपनी को मजबूत और बड़ा बनाने के लिए धीरे-धीरे मेहनत करना शुरू कर दिया. इस कंपनी ने इस वीडियो प्लेटफॉर्म को छोटे कारोबारियों को भी दिया, जिसकी सहायता से वह वीडियो बनाकर कहीं भी पब्लिश कर सकते थे. इस तरह कंपनी धीरे-धीरे बढ़ती चली गई और आज उनकी कंपनी 1 अरब डॉलर से ज्यादा की कंपनी बन गई है.

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