कभी पत्नी की चप्पल के लिए 200 रुपये तक नहीं थे, आज 20 करोड़ के स्टार्टअप के मालिक है

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एक समय था जब उनके पास अपनी मां की सर्जरी के लिए पैसे तक नहीं थे और कभी इस व्यक्ति के पास अपनी पत्नी के लिए जूते की एक नई जोड़ी खरीदने के लिए 200 रुपये तक भी नहीं थे और आज के समय में ये शख्स अपने बिजनेस से 18 करोड़ से ज्यादा का कारोबार करता है. हम बात कर रहे हैं देबाशीष मजूमदार की. जो एक सफल फूड एंटरप्रिन्योर के मालिक है.

3.5 लाख रुपये से शुरू करा था बिजनेस
गुवाहाटी में मोमोमिया के मालिक, जिन्होंने साल 2018 में 110 वर्ग फुट की दुकान से कोरबार की शुरुआत करी थी. देबाशीष ने अपने कारोबार की शुरुआत 3.5 लाख रुपये से करी थी. वह पश्चिम बंगाल के हाबरा में पले-बढ़े है. देबाशीष कहते हैं कि मुझे हमेशा से कहा गया है कि निम्न-मध्यम वर्ग के बच्चे को बैंकर, इंजीनियर आदि बनने के लिए शिक्षित करना सबसे अच्छा है. हुआ भी कुछ यही वे एक बैंकर बन गए.

इस तरह मिली थी पहली नौकरी
देबाशीष उस दिन को याद करते हैं जब उन्हें गुवाहाटी की एक कंपनी में ऑफिस असिस्टेंट के रूप में पहली नौकरी मिली थी और उनकी पहली सैलरी 1,800 रुपये थी. मगर काम के पहले दिन के बाद, वह घर गए और अपनी माँ से कहा कि मैं नौकरी छोड़ना चाहता हूँ. उसकी माँ ने कहा, इसलिए उसने काम करना जारी रखा.

करीब 4 साल बाद छोड़ दी थी नौकरी
करीब 4 साल बाद साल 2009 में, जब देबाशीष ने चीफ अकाउंटेंट के रूप में कंपनी से इस्तीफा दे दिया. देबाशीष एक ऑफिस असिसटेंट से चीफ असिसटेंट तक पहुंच चुके थे. उन्होंने एक बैंकर के रूप में भी अपना करियर बनाया और उन्हें एक अच्छा वेतन भी मिल रहा था. मगर उनका कहना है कि भले ही बैंक की नौकरी में पैसा अच्छा था, लेकिन वे जो कर रहे थे उससे संतुष्ट नहीं थे. वह एक बिजनेसमैन बनना चाहता था.

साल 2017 में शुरू करा अपना बिजनेस
देबाशीष का पहला कारोबार साल 2017 में शुरू हुआ था, उन्होंने सबसे पहले आइसक्रीम की दुकान खोली. वह चल नहीं पाई और उस समय उन्हें लगभग 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ. यह एक बहुत बड़ा नुकसान था. तब भी उनकी मां और पत्नी ने उनका साथ दिया. फिर उन्हें मोमो जॉइंट शुरू करने का आइडिया आया. जब वह गुवाहाटी के एक आउटलेट में थे, जहां देबाशीष को लगा कि वह बेहतर मोमोज परोस सकते हैं.

इस तरह मिली सफलता
उन्होंने मोमोमिया को साल 2018 में करीब 3.5 लाख रुपये के कर्ज लेकर लॉन्च कर दिया था. लगभग 1.5 लाख रुपये की मासिक बिक्री के साथ पहला साल कठिन रहा. हालांकि उनकी पत्नी ने उन्हें लगातार सपोर्ट किया. जल्द ही, व्यवसाय में तेजी आई और देबाशीष ने 14 फरवरी 2021 को हरिद्वार में पहला फ्रैंचाइज़ी स्टोर खोला.

उनके पहले फ्रैंचाइज़ी मॉडल ने उनके लिए बहुत अच्छा काम करा कि एक साल में असम, गुजरात, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, और मध्य प्रदेश में ऐसे 55 फ्रैंचाइज़ी आउटलेट खोले गए. आज के समय में मोमोमिया 50 से अधिक आउटलेट्स में 200 से अधिक लोगों को रोजगार दे रही है. देबाशीष का टर्नओवर लगभग 18 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है.

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