कभी पत्नी ने दिया था धोखा, आज है भारतीय क्रिकेट के एक सफल खिलाडी; दिनेश कार्तिक की कहानी

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भारतीय टीम के क्रिकेटर दिनेश कार्तिक जो की विकेटकीपर और बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं. वे साल 2004 से भारतीय क्रिकेट टीम के साथ जुड़े हुए है. दिनेश कार्तिक का असली नाम कृष्णा कुमार दिनेश कार्तिक है और दिनेश कार्तिक का जन्म भारत में तमिलनाडु राज्य के चेन्नई में 1 जून 1985 की तारीख को एक तमिल परिवार में हुआ था. कार्तिक चेन्नई के भूतपूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर कृष्णा कुमार और पद्मिनी कृष्णा कुमार के बेटे है.

दिनेश कार्तिक क्रिकेट खेलना उनके पिता ने ही सिखाया था. कार्तिक के पिता भी चेन्नई की तरफ से प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलते होते थे. दिनेश कार्तिक ने अपने पिता के कहने पर ही अपना करियर क्रिकेट बनाया. साल 2007 में दिनेश कार्तिक ने निकिता से विवाह कर लिया जो की कार्तिक की बचपन की दोस्त थी. मगर फिर कुछ सालों के बाद में दोनों का तलाक हो गया. इसके बाद साल 2015 में स्क्वाश प्लेयर दीपिका पल्लिकल के साथ कार्तिक ने दूसरी शादी कर ली.

दिनेश कार्तिक अपने इस क्रिकेट के करियर की शुरुवाती दिनों में वे एक बल्लेबाज थे, मगर फिर भविष्य का विचार करने के बाद में वे विकेटकीपर की भी भूमिका निभाने लगे. दिनेश को अच्छा प्रदर्शन कर लेने के बावजूद भी टीम में खेलने के लिए उन्हें ज्यादा मौके नही मिले थे और जितने भी मौके मिले उनका दिनेश फायदा नही उठा सके.

भारतीय क्रिकेट की टीम में दिनेश मैच खेलने के लिए आते रहते थे. साल 2004 में जब पार्थिव पटेल काफी ज्यादा घायल हो चुके थे तब इंग्लैंड टूर में उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाकर डेब्यू करा था. इस मैच में उन्होंने सिर्फ 1 ही रन बनाया था मगर विकेट के पीछे ग्लव्स से उन्होंने बहुत ही शानदार प्रदर्शन करा था.

कैसा रहा दिनेश कार्तिक का क्रिकेट करियर

दिनेश कार्तिक ने 17 साल की उम्र में ही फर्स्ट क्लास क्रिकेट में करा था और फिर साल 2004 में दिनेश कार्तिक भारतीय क्रिकेट टीम में रेगुलर विकेटकीपर के रूप में चुने गए. हालांकि महेंद्र सिंह धोनी के साल 2005 में आ जाने के बाद कार्तिक को टीम से बाहर कर दिया गया थे. मगर फिर भी दिनेश कार्तिक ने हार नहीं मानी और फिर वे घरेलू क्रिकेट में तमिलनाडु के लिए ओपनर के रूप में काफी शानदार प्रदर्शन करा और फिर साल 2006 में भारत की क्रिकेट टीम में ओपनर के रूप में उनकी फिर से वापसी हुई.

दिनेश कार्तिक की विशेषता

क्रिकेटर दिनेश कार्तिक को सीमित ओवरों के मैचों (वनडे और टी20) का बहुत ही अच्छा खिलाड़ी माना जाता है. जूनियर लेवल पर जब वे खेलते होते थे तो फिर मुख्य रूप् से दिनेश कार्तिक बल्लेबाजी ही करा करते थे. फिर इसके बाद मे दिनेश कार्तिक अपने इस कैरियर की संभावनाओं को बेहतर बना लेने के लिए विकेटकीपिंग करने लगे. हालांकि, पहले तो घरेलू स्तर पर, और फिर दिनेश कार्तिक ने अंतरराष्र्टीय स्तर पर और इसके बाद में टवेंटी 20 और आईपीएल में इस क्रिकेटर ने बहुत बार बेहतरीन बल्लेबाजी का नमूना पेश करा है.

महेंद्र सिंह धोनी से पहले शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय करियर

भारतीय क्रिकेटर दिनेश कार्तिक ने अपना पहला अंतरराष्ष्टीय मैच 5 सितंबर 2004 की तारीख को इंग्लैंड के खिलाफ खेला था. तब उस समय भारत के पूर्व कप्तान रहे महेंद्र सिंह धोनी की अं​तरराष्ट्रीय क्रिकेट मे एंट्री हुई ही नहीं थी. और इसी के ही चलते पार्थिव पटेल भी विकेट के पीछे संतोषजनक प्रदर्शन बिलकुल भी नहीं कर पा रहे थे. उसी साल ही भारत दौरे पर आई आस्ट्रेलिया के खिलाफ नवंबर 2004 में दिनेश ने अपने अंतरराष्ष्ट्रीय टेस्ट कैरियर की भी शुरूआत करी. हालांकि, दिनेश कार्तिक का शुरुआती दौरों में खास प्रदर्शन न होने की वजह से उनका स्थान नहीं बच पाया था और फिर आखिरकार महेंद्र सिंह धोनी ने विकेटकीपर और बल्लेबाज के रूप में यह जगह हासिल कर ली.

दिनेश कार्तिक एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में भारतीय टीम में बने रहे

हालांकि फिर इसके बाद के वर्षों में दिनेश कार्तिक ने बल्ले से काफी अच्छा प्रदर्शन करके न ही सिर्फ धोनी के बैकअप के रूप में खुद को भारतीय क्रिकेट टीम में बनाए रखा, बल्कि साल 2007 में क्रिकेटर दिनेश कार्तिक भारतीय टीम में बतौर बल्लेबाज खेलते रहे थे और यह उन दिनेश के कैरियर का बहुत ही ज्यादा शानदार दौर था. फिर भारतीय टीम इंग्लैंड के दौरे पर गई तब दिनेश कार्तिक को वीरेंद्र सहवाग की जगह पर ओपनिंग करने के लिए भेजा गया था. ये सीरीज भारत ने जीती थी और फिर सबसे ज्यादा रन भारत की ओर से दिनेश कार्तिक ने ही बनाए और अपने इस अच्छे प्रदर्शन से दिनेश ने सभी लोगो का दिल भी जित लिया थे.

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