कभी स्कूटर से करी थी शुरुआत, अब बन चुकी है 60 हजार करोड़ रुपये की कंपनी

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भारत के अलावा कई देशों में अभी भी कई लोगों के पास वह पुराना स्कूटर है. जिनसे कई यादें जुड़ी हैं. भारत में राहुल बजाज को स्कूटर का बादशाह कहा जाता है. बजाज चेतक भारत में राहुल बजाज द्वारा डिजाइन करा गया पहला स्कूटर था. राहुल बजाज ने इस स्कूटर का नाम महाराणा प्रताप के घोड़े के नाम पर चेतक रखा था.

1980 तक बजाज कंपनी स्कूटर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी बन गई थी. राहुल बजाज 49 साल तक बजाज ग्रुप के चेयरमैन रहे. उन्होंने अपने 49 साल के करियर में बजाज समूह को एक नई ऊंचाई और एक नया आयाम दिया. आज हम आपको राहुल बजाज की सफलता की कहानी बताने जा रहे हैं.

राहुल बजाज जीवनी

10 जून 1938 को कलकत्ता में राहुल बजाज का जन्म हुआ था. उनकी उच्च शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज में हुई थी. इसी कॉलेज से ही राहुल बजाज ने साल 1958 में अर्थशास्त्र में ऑनर्स की डिग्री हासिल करी. फिर इसके बाद उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री हासिल करी. फिर इन दोनों डिग्रियों के बाद राहुल बजाज ने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एमबीए की पढ़ाई पूरी की.

इस तरह हुई थी बजाज ग्रुप की शुरुआत

बजाज समूह की शुरुआत जमुना लाल बजाज ने वर्ष 1926 में की थी. जमुना लाल बजाज राहुल बजाज के दादा थे. बजाज की पहली कंपनी ने कमर्शियल डिपार्टमेंट में काम शुरू करा था. उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से बजाज को 72 मिलियन से 46.16 बिलियन की कंपनी बना दिया था.

साल 1972 में करा गया था बजाज स्कूटर लॉन्च

साल 1964 में राहुल बजाज ऑटो से जुड़ गए थे. वह 1968 तक बजाज कंपनी के सीईओ बने रहे. बजाज कंपनी ने साल 1972 में बजाज स्कूटर लॉन्च किया था. इस स्कूटर के लॉन्च होते ही लोगों ने इसे खूब पसंद करा और इस स्कूटर की बिक्री तेजी से होने लगी. इस स्कूटर की बुकिंग इतनी ज्यादा थी कि पर्ची में लिखा जाता था कि गाड़ी की बुकिंग 6-6 साल तक हो चुकी है.

कंपनी का टर्नओवर 10 हजार करोड़ से भी ज्यादा

साल 1965 में बजाज कंपनी का टर्नओवर 3 करोड़ तक पहुंच गया था और साल 2008 में इस कंपनी का टर्नओवर करीब 10 हजार करोड़ से ज्यादा था. यह सब राहुल बजाज की मेहनत की वजह से संभव हुआ है.

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