कभी सड़क किनारे ठेले से की थी बिजनेस की शुरुआत, आज है करोड़ो रुपये के मालिक

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आज हम बात करने जा रहे हैं सड़क किनारे ठेले में अंडे बेचकर उदयपुर के एग किंग बने जय कुमार वलेचा की कामयाबी की. आइए जानते हैं पूरी कहानी विस्तार से.

जय कुमार वलेचा के परिवार की कहानी

जय कुमार वलेचा को बचपन से ही गरीबी विरासत में मिली थी. जय कुमार वलेचा घर में माता-पिता, दो छोटी बहनें और भाई परिवार में रहते थे. पिता की उदयपुर में सड़क किनारे ठेले पर अंडे की भुर्जी, आमलेट और उबले अंडे बेचकर घर का सारा खर्चा किया जाता था.

जीवन में करना चाहते थे कुछ बड़ा

जय कुमार वलेचा जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते थे. अगर वह कुछ जानते थे, तो वो था उनके पिता द्वारा सिखाए गए अंडे बनाना. अभी जय कुमार वलेचा का विचार अंडे के साथ कुछ नया करने का था, जिसके लिए उन्होंने बाजार से कुछ मसालों के साथ सॉस की एक बोतल खरीदी.

अभी जय कुमार वलेचा कुछ नया बनाने के लिए रोज अंडों के साथ प्रयोग करने लगा. बहुत से लोग तो उनका काफी मजाक भी उड़ाते थे मगर किसी की परवाह नहीं की औरजय कुमार वलेचा ने अपने प्रयोग से तैयार करी गई नई डिश को फ्री में ग्राहक को खिलाकर और फिर उनके द्वारा दिए गए फीडबैक पर वो उस डिश में सुधार करने लगे.

ऐसा करते-करते जय कुमार वलेचा अंडे के कई नए व्यंजन बनाने में माहिर हो चुके थे. और उदयपुर के लोग भी उनके नए अंडे के व्यंजन को काफी ज्यादा पसंद करने लगे.

इस तरह से शुरू करा था अपना पहला रेस्टोरेंट

जय कुमार वलेचा ने अपने ग्राहकों के तेजी से बढ़ते हुए विश्वास और व्यापार को देखते हुए कुछ समय बाद उदयपुर में ‘द एग वर्ल्ड’ नाम से अपना खुद का रेस्टोरेंट भी खोला. जो की आज उनकी मेहनत और लगन के कारण पूरे शहर में मशहूर है. आज इस रेस्टोरेंट में एग भुर्जी, तंदूरी ऑमलेट, एग नाइस आदि जैसे 100 से भी ज्यादा व्यंजन बनाए जाते हैं.

आज जय कुमार वलेचा के अंडे की डिश की ख्याति उदयपुर से आगे देश-विदेश में भी फैल चुकी है. जिसके कारण आज देश-विदेश से पर्यटक और फिल्मी सितारे जो शूटिंग के लिए उदयपुर आते हैं, वे भी जय कुमार वलेचा द्वारा तैयार किए गए विभिन्न व्यंजनों का आनंद लेने आते हैं. इसी वजह से लोगों ने उन्हें उदयपुर के ‘एग किंग’ की उपाधि दी है.

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