कभी होटल में बर्तन धोने का करते थे काम, खुदके दम पर थे 30 करोड़ रुपये के मालिक

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सिद्धू मूसेवाला पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में एक बड़ा नाम है. सिद्धू मूसेवाला ने कई गाने गाए हैं और पंजाब की म्यूजिक इंडस्ट्री में उनके गाने बड़े ही लोकप्रिय हुए है. आज भी सिद्धू मूसेवाला के गानों का हर कोई फैन है सिद्धू मूसेवाला ने 6 साल के करियर में पंजाब के लोकप्रिय सिंगर और रैपर बनने का मुकाम हासिल किया.

पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में सिद्धू मूसेवाला ने बहुत से गाने गाए हैं और उनके गाने पंजाब के संगीत उद्योग में बहुत ही ज्यादा लोकप्रिय भी हुए हैं. सिद्धू मूसेवाला के गानों का आज भी हर कोई दीवाना है. इस सिंगर ने 6 साल के करियर में पंजाब के पॉपुलर सिंगर और रैपर बनने का मुकाम हासिल करा है.

सिद्धू मूसेवाला का जन्म

11 जून 1993 को पंजाब के मानसा जिले के मूसा गांव में सिद्धू मूसेवाला का जन्म हुआ था. इस सिंगर का असली नाम शुभदीप सिंह सिद्धू है. सिद्धू मूसेवाला की माता का नाम चरण कौर सिद्धू और पिता का नाम सरदार भोला सिंह है.

उन्हें अपने जीवन की शुरुआत से ही अभिनय और संगीत से बहुत प्यार था. अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान भी सिद्धू मूसेवाला पढ़ाई के साथ-साथ अभिनय और संगीत को भी समय देते थे. और इसी छोटे-छोटे संघर्ष से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की.

सिद्धू मूसेवाला की प्रारंभिक शिक्षा

उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा एसवीएम स्कूल मनसा से की. इस दौरान उन्होंने एक संगीत प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया. और पढ़ाई से ज्यादा सिद्धू संगीत पर ज्यादा ध्यान देते थे. मगर उनके परिवार वाले इस बात से सहमत नहीं थे. सिद्धू को पढ़ा-लिखा कर बड़ा बनाने का उनका सपना था.

गुरु नानक देव इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक की डिग्री हासिल करने के लिए सिद्धू ने दाखिला लिया. उस समय सिद्धू कॉलेज पार्टियों में अपना गाना गाते थे. और यहीं से उनकी लोकप्रियता छात्रों और कॉलेज के शिक्षकों के बीच फैल गई. छात्रों को उनका गाना और उनकी आवाज भी काफी पसंद आई. इस तरह उनकी बीटेक की डिग्री पूरी हुई.

इस तरह से हुई थी करियर की शुरुआत

डिग्री पूरी करने के बाद सिद्धू संगीत में अपना करियर बनाना चाहते थे. कोई स्टूडियो वाला सिद्धू को काम नहीं दे रहा था. सिद्धू ने कई स्टूडियो में जाकर संगीत के बारे में बताया तो ऐसे में स्टूडियो जानबूझकर उनसे पैसे मांगते थे. और पैसे न देने के कारण उन्हें गाने का मौका भी नहीं दिया गया.

साल 2015 में सिद्धू मूसेवाला के करियर को पूरा सपोर्ट मिला. मगर तभी उन्हें पंजाब के एक बहुत ही लोकप्रिय गीतकार का फोन आता है. और सिद्धू को बोला जाता है कि मैं आपको गाने के लिए अपने लिरिक्स देने के लिए तैयार हूं. आप सुबह मेरे गांव आ सकते हैं और गीत के लिरिक्स ले सकते हैं.

फिर इस गीत को गाने के बाद सिद्धू के मन में खुद गीत लिखने का उत्साह आया. और सिद्धू का स्टार बनने का सपना भी एक बार फिर जाग उठा.

जीवन में आया नया मोड़

सिद्धू मूसेवाला ने अपना जीवन बदलने के लिए खुद गीत लिखने का निर्णेय कर लिया. सबसे पहला गाना उन्होंने लाइसेंस लिखा था और फिर इस गाने के लिरिक्स निंजा ने स्वीकार किए थे. जब सिद्धू मूसेवाला का पहला गाना लॉन्च हुआ तो यह सुपरहिट हो गया. और सिद्धू मूसेवाला के जीवन का यह तरीका उन्हें सुपरस्टार बनाने वाला था.

उसके बाद सिद्धू ने एक के बाद एक अपने गाने लॉन्च करे. और उनका हर गाना खूब पॉपुलर हुआ. इससे सिद्धू मूसेवाला की लोकप्रियता बढ़ी और सिद्धू मूसेवाला एक स्टार बन गए.

सिद्धू मूसेवाला की गो*ली मारकर ह*त्या

सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को गो*ली लगने से मौ*त हो गई थी. मनसा जिले के जवाहरके गांव में सिद्धू मूसेवाला को फा*यरिंग के दौरान 3 गो*लियां लगीं. गो*ली लगने के बाद सिद्धू मूसे वाला को नजदीकी अस्पताल लेकर जाया गया. मगर तब तक सिद्धू मूसेवाला ने सभी को अल*विदा कह दिया था.

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