किराए की जगह लेकर शुरू किया था बिजनेस, आज है 18000 करोड़ रुपये की कंपनी का मालिक

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करीब 30 साल पहले सुनील वाचानी ने 35 हजार डॉलर यानी करीब 25 लाख रुपये के कर्ज से 14 इंच के टीवी बनाने का कारोबार शुरू किया था. कारोबार नई दिल्ली के बाहरी इलाके में किराए के मकान में चल रहा था. आज वाचानी की कंपनी डिक्सन टेक्नोलॉजीज इस कदर बढ़ गई है कि उसकी बाजार कीमत 2.5 अरब डॉलर यानी करीब 18000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है. कंपनी के पास हर साल 50 मिलियन स्मार्टफोन बनाने की क्षमता है. पीएम मोदी की प्राथमिकता आत्मनिर्भर भारत है, जिस पर वह अक्सर जोर देते हैं और सुनील वाचानी की कहानी साल की सबसे बड़ी आत्मनिर्भर कहानी से कम नहीं है.

52 वर्षीय वाचानी ने कहा कि उनकी कंपनी डिक्सन टेक्नोलॉजीज ने शुरुआती दौर में संघर्ष किया, लेकिन अब उनकी कंपनी आगे बढ़ रही है. 2017 में वह अपनी कंपनी का आईपीओ लेकर आए. तब से लेकर अब तक उनकी कंपनी के शेयरों में 824 फीसदी की तेजी आई है. घरेलू मांग में वृद्धि के कारण उनकी बिक्री और लाभ दोनों में तेजी से वृद्धि हुई है. वचानी ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि यह तो अभी शुरुआत है. वह लोगों के दिल-दिमाग में यह बदलाव लाना चाहते हैं कि ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग भारत में भी हो सकती है.

मोदी सरकार की सभी नीतियों ने भारत में स्मार्टफोन के उत्पादन में काफी वृद्धि की है और अब भारत हर साल लगभग 33 करोड़ स्मार्टफोन का निर्माण करता है. हालाँकि, हम अभी भी चीन से पीछे हैं, जो हर साल लगभग डेढ़ बिलियन स्मार्टफोन बनाता है. हालाँकि, एक डिक्शनरी कंपनी एक अच्छा उदाहरण है, जो दर्शाती है कि भारत कैसे बदल रहा है. पिछले साल कंपनी की क्षमता 20 लाख स्मार्टफोन प्रति माह थी, लेकिन मोदी सरकार के प्रोत्साहन कार्यक्रम ने अब इसकी क्षमता को दोगुना कर 40 लाख स्मार्टफोन प्रति माह कर दिया है. आने वाले वर्षों में इसमें और इजाफा होगा.

आज वचनी और उनके भाई-बहन भारत के अरबपति परिवारों में गिने जाते हैं. कंपनी में वचानी की करीब एक तिहाई हिस्सेदारी है, जिसकी कीमत करीब 90 करोड़ डॉलर यानी करीब 6,500 करोड़ रुपये है. उनके पास नई दिल्ली के लुटियंस जोन में करीब 150 करोड़ रुपये का घर है. वाचानी एक उद्यमी परिवार से आती हैं. उनके पिता और भाई-बहनों ने वेस्टन ब्रांड के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और उपकरणों के निर्माण का व्यवसाय शुरू किया. उन्होंने देश का पहला रंगीन टीवी और वीडियो रिकॉर्डर बनाया और एक वीडियो गेम पार्लर भी चलाया. वाचानी सिंधी हैं, जो भारत में एक छोटा समुदाय है, लेकिन वे व्यवसाय पर हावी हैं.

वचानी ने लंदन में बिजनेस की पढ़ाई की और 1993 में अपने परिवार के बिजनेस में शामिल होने के बजाय अलग रास्ता चुना और अपनी कंपनी शुरू की. पहले तो कोई बैंक उन्हें उधार नहीं देता था, क्योंकि बैंक गारंटी चाहते थे. अंत में उसने निर्यात अनुबंध के एवज में बैंक से पैसे ले लिए. वह व्यापार करने के लिए कितने उत्सुक थे, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने शुरू में सिर्फ 1.5 डॉलर यानी आज लगभग 109 रुपये के मुनाफे पर 14 इंच का रंगीन टीवी बनाया. बाद में उन्होंने भारती एयरटेल के लिए सेगा गेम कंसोल, फिलिप्स वीडियो रिकॉर्डर और पुश बटन मोबाइल फोन बनाए.

Chaney’s Diction कंपनी आज Xiaomi Corporation के लिए टीवी बनाती है. इसके अलावा, यह एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंक. फिलिप्स के लिए वाशिंग मशीन और लाइटिंग उत्पाद भी बनाती है. कंपनी ने 2026 में पैनासोनिक और सैमसंग जैसी कंपनियों के लिए मोबाइल फोन बनाना शुरू किया था. आज डिक्शन को मोबाइल फोन बनाने से काफी आमदनी होती है. पिछले वित्तीय वर्ष में अकेले मोबाइल फोन का राजस्व में 12 प्रतिशत का योगदान था और अगले वित्तीय वर्ष में अकेले मोबाइल से राजस्व का 44 प्रतिशत होने की उम्मीद है.

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