कोरोना में चली गई नौकरी नहीं मानी हार, शुरू करा खुद का कारोबार अब कमा रहे हर महीने लाखों में

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फरवरी 2020 में दुनिया भर में आई कोरोना महामारी में भारत समेत कई देशों में कई लोगों का रोजगार छिन गया. जिससे लाखों युवा बेरोजगार हो गए. कुछ युवाओं ने अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर दिए. यह युवा अभी इन छोटे व्यवसायों में अपने साथ-साथ ही बेरोजगारों को भी रोजगार दे रहा हैं. ऐसे ही एक युवक हैं राकेश कुमार. जो अपनी लगन, मेहनत और किस्मत के साथ-साथ सरकारी योजनाओं और सरकारी आर्थिक मदद की जानकारी से स्वरोजगार कर स्वावलंबी बन चुके हैं.

जिला सिरमौर के पांवटा साहिब उपमंडल के हरिपुर गांव निवासी 36 वर्षीय राकेश कुमार पुत्र जैसी सिंह की आर्थिक स्थिति कोरोना महामारी के कारण बिना काम के बहुत खराब हो चुकी थी. फिर इस दौरान राकेश कुमार ने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत नया उद्योग स्थापित करने के लिए जिला उद्योग केंद्र में आवेदन कर दिया.

राकेश कुमार ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से वह सिर्फ 12वीं तक ही शिक्षा प्राप्त कर पाए. राकेश पैसे की कमी के कारण कोई भी व्यवसाय नहीं कर पा रहा था. उन्होंने पारिवारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कई वर्षों तक एक निजी कंपनी में काम करा. मगर कोरोना महामारी के चलते देश में लॉकडाउन कर दिया गया था. जिससे राकेश की नौकरी भी चली गई.

अब राकेश ने निर्णेय लिया कि किसी और प्राइवेट कंपनी में काम न करके वे अपना खुद का बिजनेस शुरू करेंगे उन्होंने जिला मुख्यालय नाहन के कार्यालयों में जाकर सरकारी योजनाओं की जानकारी ली. उन्होंने जिला उद्योग केंद्र नाहन से मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की जानकारी ली और इस संबंध में सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद, उन्होंने 22 लाख रुपये की कार्य योजना को मंजूरी दी और इस योजना के तहत उन्हें 6.25 लाख रुपये की पदान मिल गया.

उन्होंने अक्टूबर 2020 में माजरा, जिला सिरमौर में राजीव साल्वेंट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फिनाइल, डिशवॉश, टॉयलेट क्लीनर, वाशिंग पाउडर, और हैंडवाश आदि उत्पादों का निर्माण शुरू किया. उनके उत्पाद उत्तराखंड, पांवटा साहिब, नाहन और स्थानीय स्तर पर घर-घर जाकर बेचे जा रहे हैं, जिससे वे काफी अच्छा मुनाफा भी कमा रहे हैं.

युवाओं में कौशल विकास और स्वरोजगार सृजन के अलावा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना भी लागू करी जा रही है. इस योजना के तहत मशीनरी और प्लांट में एक करोड़ रुपये तक के निवेश पर 25 प्रतिशत का निवेश ग्रेच्युटी जबकि महिलाओं के लिए 30 फीसदी और विधवा महिलाओं को 35 फीसदी ग्रेच्युटी देने का प्रावधान है.

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