क्रिकेट खेलते समय सिर पर गेंद न लगी होती तो उदय आज 87,000 करोड़ रुपये के मालिक नहीं बनते

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भारत ने 1983 का विश्व कप जीता और देश में क्रिकेट की हवा चलने लगी. क्रिकेट का खेल भारत में इतना लोकप्रिय हो गया कि लोग खेलने के लिए अपनी भूक प्यास भूलकर क्रिकेट खेलते नजर आए. आज भारतीयों में क्रिकेट की इतनी लत है कि भारत में क्रिकेट को सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि एक धर्म माना जाता है. हर कोई बड़ा होकर क्रिकेटर बनने का सपना देखता है.

इसी सपने के साथ क्रिकेट के मैदान पर उदय कोटक नाम का युवक आया. लेकिन खेलते समय गेंद उनके सिर पर लग गई और वह अपना क्रिकेट का पैशन छोड़ गए. वह तब एक युवा व्यवसाय में चले गए और आज वह 87,000 करोड़ रुपये के मालिक हैं. आइए देखते हैं ये उनका सफर..

उदय कोटक का जन्म मुंबई में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था. उनका एक साथ 60 लोगों का परिवार था. ऐसे समय में जब सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के मैदान पर उभर भी नहीं रहे थे, उदय कोटक ने रमाकांत आचरेकर से क्रिकेट की सीख ली.

1979 की घटना है. उस समय उदय कोटक कांगा लीग में क्रिकेट खेल रहे थे. इस लीग के मैच प्रतिकूल मानसून के मौसम में खेले गए. उदय कोटक नॉन स्ट्राइकर एंड खेल रहे थे. स्ट्राइक पर आए खिलाड़ी ने एक शॉट मारा और एक रन के लिए दौड़ा. क्षेत्ररक्षक गेंद को रोकता है और उसे स्ट्राइकर छोर पर फेंकता है. लेकिन गेंद उदय कोटक के सिर में लग गई. गंभीर चोटें आयी. तो उदय कोटक मौत के कगार पर थे. लेकिन सर्जरी की गई और उदय कोटक सकुशल स्वस्थ हो गए. इसके बाद उन्होंने क्रिकेट में करियर बनाना छोड़ दिया.

चोट के बाद उदय कोटक को काफी देर तक आराम करना पड़ा. बाद में उन्होंने मुंबई में एमबीए पूरा किया. अपनी शिक्षा के बाद कुछ समय तक उन्होंने अपने परिवार के कपास व्यवसाय में काम किया. लेकिन उन्हें यह पसंद नहीं आया, इसलिए उन्होंने नौकरी पाने की कोशिश की.

उन्हें हिंदुस्तान यूनिलीवर में अच्छी नौकरी मिलने वाली थी, लेकिन उन्होंने अपना इरादा बदल दिया और एक व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया. शुरुआत में 1985 में उन्होंने दोस्तों से उधार लेकर 30 लाख रुपये जुटाए और अपनी खुद की निवेश कंपनी शुरू की.

उन्होंने जल्द ही महिंद्रा समूह के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए. फिर उनकी निवेश कंपनी का विस्तार हुआ. उनकी कंपनी ने बैंकिंग, बीमा, म्यूचुअल फंड और ऋण प्रदान किया. उन्होंने 2003 में आरबीआई लाइसेंस प्राप्त किया और कोटक महिंद्रा बैंक की स्थापना की. इस बैंक ने बहुत अच्छी कंपनियों को कर्ज मुहैया कराया.

अपनी स्मार्ट पॉलिसी के दम पर उदय कोटक ने कोटक महिंद्रा बैंक को भारत के टॉप टेन बैंको में नाम कमाया. आज उदय कोटक के पास 87,000 करोड़ रुपये की संपत्ति है. अगर क्रिकेट के मैदान पर खेलते हुए गेंद उनके सर पर न लगी होती तो शायद उदय कोटक क्रिकेटर बन जाते , लेकिन ऐसा हुआ नहीं.

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