खरीदना चाहते थे घर, मालिक ने मना कर किया अपमान; आज खड़ी की 30 हजार करोड़ रुपये की कंपनी

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अमेरिकी कंपनी Better.com के सीईओ विशाल गर्ग ने पिछले साल दिसंबर के महीने में 2 मिनट की जूम की एक मीटिंग के दौरान अपने करीब 900 कर्मचारियों को फायर कर के काफी ज्यादा सुर्खियों में रहे थे. फिर आगे 8 मार्च 2022 की तारीख को विशाल गर्ग ने दुबारा से अपनी कंपनी के तीन हजार से भी ज्यादा एम्प्लॉईज़ को फायर कर के हर किसी काफी ज्यादा हैरान कर दिया था.

अगर देखा जाए तो विशाल गर्ग ने लगभग 3 महीने के भीतर ही अपने लगभग 3900 एम्प्लॉईज़ को फायर कर दिया है. तो चलिए जानते हैं कि Better.com नाम की इस कंपनी की शुरुआत आखिर कैसे हुई थी और इस कंपनी के सीईओ विशाल गर्ग की कहानी क्या है.

बिजनेस करने का आइडिया हाईस्कूल में आ गया

जब विशाल गर्ग हाईस्कूल में थे तब से उन्हें बिजनेस से बहुत ही ज्यादा प्यार हो गया था. विशाल गर्ग अपनी किताबों और नोट्स को अपने साथ में पढ़ने वाले छात्रों को बेच दिया करते थे. विशाल गर्ग ने बहुत ही कम दामों में कपड़े को खरीदकर ईवे पर भी बेचे हुए थे.

दोस्त के साथ शुरू करी माई रिच अंकल निजी लोन कंपनी

विशाल गर्ग ने वर्ष 2000 में अपने एक दोस्त रजा खान के साथ मिलकर एक माई रिच अंकल नाम की कंपनी की शुरुवात करी थी, माई रिच अंकल नाम की कंपनी यह कंपनी छात्रों को लोन दिया करती थी. उस समय विशाल गर्ग न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस में अपनी पढ़ाई कर रहे थे. मगर विशाल गर्ग ने अपनी पढ़ाई को बीच में ही छोड़ दी थी और वर्ष 2005 में विशाल गर्ग की कंपनी पब्लिक हुई.

फिर वर्ष 2007 से लेकर 2009 के बिच तक अमेरिका में वित्तीय संकट आ गया था और विशाल गर्ग की यह कंपनी दीवालिया हो चुकी थी फिर उसके बाद विशाल गर्ग और रजा ने एक बार फिर से EIFC नाम के एक नए प्रोजेक्ट को शुरू कर दिया. इन दोनों दोस्तों का यह प्रोजेक्ट मकान के मालिकों को लोन लेने के लिए बैंक से संबंधित हर तरह की जानकारियों को देता होता था.

पत्नी के साथ मिलकर खोली यह कंपनी

वर्ष 2013 में दोनों दोस्तों के बीच में पैसों को लेकर लड़ाई हो गई थी और रजा खान ने यह आरोप लगाया कि विशाल गर्ग ने बिजनेस टैक्स भरने के बदले कंपनी से लगभग 22 करोड़ 98 लाख रुपये लेकर अपने निजी बैंक के खाते में जमा करा लिए हैं. फिर इसके बाद जब विशाल गर्ग दूसरी बार पिता बनने जा रहे थे तो फिर वे खुद का एक घर बनाना चाहते थे. इस वजह से उन्होंने घर को खरीदने के लिए ढूंढना शुरू कर दिया.

विशाल गर्ग को एक घर काफी ज्यादा पंसद आया था. फिर उन्होंने ब्रोकर्स से बहुत बार बात करी मगर उन्होंने किसी भी तरह का कोई भी रिस्पॉन्स नहीं दिया था. इस वजह से विशाल गर्ग ने डायरेक्ट ही घर के मालिक से बात करी. इस डील में कोई ब्रोकर नहीं होने की वजह से घर के मालिक ने विशाल पर विश्वास नहीं करा.

Better.com सोशल मीडिया पर टॉप स्टार्टअप्स में से एक है.

फिर ओनर ने विशाल गर्ग से कहा कि घर के बदल में उन्हें मोर्गेज प्री-अप्रूवल देना होगा. विशाल गर्ग ने ऑनलाइन जाकर सभी डिटेल्स को भर दी फिर इसके बाद भी उन्हें प्री-अप्रूवल मिला ही नहीं. विशाल गर्ग ने इसके बाद बहुत से ब्रोकर्स से बात करी मगर उन्हें किसी ब्रोकर पर भी विश्वास नहीं हो रहा था. फिर उस समय विशाल गर्ग के दिमाग में होम ओनरशिप की कंपनी को खोलने का विचार आया. फिर उन्होने अपनी पत्नी के साथ मिलकर Better.com की शुरुवात करी.

साल 2021 में इस कंपनी का नेटवर्थ लगभग 7.7 अरब डॉलर तक था. सोशल मीडिया पर टॉप स्टार्टअप्स में Better.com को सबसे पहला स्थान प्राप्त हुआ है. Better.com कंपनी को 3 बहुत ही बड़ी कंपनियों से लगभग 2000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की फंडिंग साल 2020 में मिल चुकी है.

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