घरवालों के खिलाफ जाकर इंजिनीरिंग छोड़ी, शुरू किया बिजनेस; आज सालाना करते है 750 करोड़ का बिजनेस

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अंकित प्रसाद झारखंड के एक छोटे से जिले चाईबासा के रहने वाले है उन्होंने बहुत ही कम उम्र में बड़ा नाम कमा लिया है. बचपन से ही एंटरप्रेन्योर बनने की ख्वाहिश रखने वाले अंकित प्रसाद ने आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई पूरी करने के बाद कई स्टार्टअप्स में काम करा.

अंकित प्रसाद ने साल 2015 में ‘बॉबल एआई’ की स्थापना करी थी, जिसने ‘बॉबल इंडिक’ का कीबोर्ड बनाया था. साल 2020 में Bobble AI का मूल्यांकन 500 करोड़ से अधिक था, जो साल 2021 की तीसरी तिमाही में बढ़ गया और बढ़कर 750 करोड़ से ज्यादा हो गया.

अंकित ने अपनी प्राथमिक शिक्षा सरस्वती विद्या मंदिर, चाईबासा में पूरी करी थी. हालाँकि, जब उन्हें एनआईटी जमशेदपुर के डीएवी स्कूल में भर्ती कराया गया था तब उन्हें ठीक से अंग्रेजी भी नहीं आती थी. अंकित की शुरू से ही कंप्यूटर में रुचि थी. इसके बाद साल 1995 में उनके पिता ने उनके लिए पहला कंप्यूटर खरीदा.

इस तरह स्कूल में टॉप थ्री में बना ली थी जगह
वे शुरुआत से ही पढ़ाई में औसत छात्र रहे थे, लेकिन साल 2005 में उन्होंने बोर्ड परीक्षा परिणाम में स्कूल में टॉप थ्री में अपनी जगह बनाकर सबको हैरान कर दिया. फिर इसके बाद उन्होंने आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने के लिए जमशेदपुर के एक कोचिंग सेंटर में दाखिला ले लिया. साल 2007 में, उन्होंने आईआईटी की प्रवेश परीक्षा भी दी. उन्होंने 5000 से ऊपर रैंक हासिल करा. इस वजह से उन्हें एनआईटी जमशेदपुर में सीट मिल रही थी. मगर वह आईआईटी में प्रवेश लेने की कोशिश कर रहे थे.

कई स्टार्टअप्स के साथ करा काम
अंकित ने 2009-10 के दौरान कई स्टार्टअप के साथ काम करा. अंकित कहते है “मैं कॉलेज में था मगर पहले से ही काफी अच्छा पैसा पाने के लिए में काम कर रहा था. पेशेवर समय सीमा का पालन कर लेने से मेरी कक्षाएं काफी ज्यादा बाधित होने लगीं थी, मगर इंजीनियरिंग कक्षाओं में पढ़ाए जाने वाले सैद्धांतिक शोध-संचालित पाठ्यक्रम के विपरीत, मैंने अपने काम का काफी आनंद भी लिया.

इंजीनियरिंग छोड़ शुरू करी खुद की कंपनी
स्नैपडील, फ्लिपकार्ट, और जोमैटो की सफलता से प्रेरित अंकित हुए और अंकित ने साल 2012 में अपने भाई के साथ डॉर्म रूम से टच टैलेंट बना दिया. यह एक वेब आधारित वैश्विक समुदाय है जो की उपयोगकर्ताओं को कला और डिजाइन को प्रदर्शित करने, सराहना करने, साझा करने, और मुद्रीकृत करने की अनुमति देता होता है. तभी अंकित ने इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बजाय पूर्णकालिक करियर बनाने का निर्णेय करा. इसके बाद उन्होंने सफलता हासिल की.

फोर्ब्स अंडर 30 में बनायी थी जगह
आज के समय में अंकित करोड़ों रुपये कमा रहे हैं. अंकित साल 2018 में फोर्ब्स 30 अंडर 30 की सूची में शामिल हुए थे और इसके अलावा भी अंकित को बिजनेस वर्ल्ड मैगजीन की 40 अंडर 40 लिस्ट में शामिल होने का मौका मिला.

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