टैक्सी ड्राइवर के साथ झगड़ा हुआ तो शुरू की कंपनी, आज है 48 हजार करोड़ रुपये की कंपनी के मालिक

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घर से स्कूल जाना हो, कॉलेज जाना हो, ऑफिस जाना हो या फिर कहीं और जाना हो, कई बार हम मोबाइल निकालते हैं, अपनी डेस्टिनेशन डाल देते हैं और कुछ ही मिनटों में बाइक, ऑटो या फिर कार आ जाती है. ओला, उबर, रैपिडो कंपनी जैसी सेवाओं ने सभी के जीवन को बहुत सुविधाजनक बना दिया है. आज हम बात करने जा रहे हैं कैब प्रोवाइडर कंपनी ओला के बारे में. इसकी शुरुआत 2010 में हुई थी और आज कंपनी एक एग्रीगेटर से इलेक्ट्रिक बाइक और कार प्रोडक्शन कंपनी बन गई है.

इस कंपनी की शुरुआत आईआईटी बॉम्बे के दो इंजीनियरों ने करी थी. इसके संस्थापक भाविश अग्रवाल ने पहले साल 2008 में बीटेक पूरी करी और फिर माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में नौकरी भी करी. लगभग 2 साल तक काम करने के बाद, उन्होंने वीकेंड ट्रिप की योजना बनाने और हॉलिडे पैकेज उपलब्ध कराने के लिए एक ऑनलाइन वेबसाइट ओलाट्रिप डॉट कॉम शुरू की. और फिर कुछ समय बाद उन्होंने ओला कैब की भी शुरुआत कर दी.

इस तरह आया था आइडिया
भाविश एक बार बैंगलोर से बांदीपुर की तरफ जा रहे थे. वहा जाने के लिए उन्होंने टैक्सी बुक की थी. रास्ते में चालक ने अधिक किराया मांगा. भाविश के मना करने पर चालक ने भाविश को बीच रास्ते से उतार दिया और खुद चला गया. इस झगड़े के बाद भाविश ने सोचा, लाखों लोगों को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता होगा और फिर उन्होंने अपनी ट्रैवल प्लान वेबसाइट को कैब सर्विस में बदलने का निर्णेय किया. यह आइडिया उन्होंने आईआईटी बॉम्बे के अंकित भाटी से शेयर किया और दोनों ने साथ में उन्होंने 3 दिसंबर 2010 को ओला कैब्स की शुरुआत की.

इस तरह से जुटाया था फंड
भाविश के परिवार वालों को यह आइडिया पसंद नहीं आया वह सोचते थे कि आईआईटी के बाद कोई यह छोटा सा काम क्यों करे. हालांकि, निवेशकों को यह आइडिया पसंद आया. शार्क टैंक के अनुपम मित्तल को तो आप जानते ही होंगे. स्नैपडील के संस्थापक रेहान, कुनाल बहल और अनुपम ने भाविश को फंड मुहैया कराया. इसके बाद फंडिंग चलती रही. 26 राउंड में उन्हें 48 निवेशकों से 43 करोड़ डॉलर यानी 32 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की फंडिंग मिली.

खुद की नहीं है कार फिर भी करते है कमाई
ओला एक कैब एग्रीगेटर कंपनी है यह सिर्फ कैब बुकिंग सर्विस देती होती है. कंपनी के पास अपनी कार नहीं है, मगर यह ऐप के जरिए ग्राहकों और कैब ड्राइवरों को जोड़ती होती है. इसका कमीशन भी ऐप पर ही की जाने वाली बुकिंग में तय होता है. भारत के अलावा, ओला ने ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और यूके में भी अपनी कैब सेवा शुरू कर दी है. ओला ने अभी तक 6 कंपनियों फूडपांडा, जियोटैग, टैक्सी फॉर श्योर, क्वार्थ, रिडलर और पिकअप का अधिग्रहण करा है.

फिलहाल अभी यह कंपनी ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर भी बना रही है. यह दो वेरिएंट में भी उपलब्ध है. वहीं, ओला की यह इलेक्ट्रिक कार भी आने वाले सालों में लॉन्च होने वाली है और इसके लिए संभावित वक्त साल 2024 माना जा रहा है.

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