पिता थे एक साधारण पुलिस कॉन्स्टेबल, बेटी देश में 8वीं रैंक हासिल कर बनीं IAS अधिकारी

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प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाला हर छात्र यही सोचता है कि वह इस परीक्षा को पास करके आईएएस अधिकारी बन जाएगा. हर किसी का यही सपना होता है. लेकिन हर कोई इस परीक्षा में सफल नहीं होता है. कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास, धैर्य और ईमानदारी सफलता की कुंजी है. कुछ छात्र इस परीक्षा के लिए इतनी मेहनत करते हैं कि वे न केवल इस परीक्षा को पास करते हैं बल्कि इस परीक्षा में बहुत अच्छी रैंक भी प्राप्त करते हैं.

2021 सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम अभी घोषित किए गए हैं. परिणाम घोषित होने के बाद भी सफल छात्रों की खुशी अधिक समय तक नहीं रही. कुल 685 उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की है. जिसमें लड़कियों ने टॉप 3 रैंक में टॉप किया है. आज हम एक ऐसी लड़की की सफलता की कहानी जानने जा रहे हैं जिसने अपनी मेहनत के दम पर इस परीक्षा में 8वीं रैंक हासिल की है. खास बात यह है कि यह लड़की एक कांस्टेबल की बेटी है.

दिल्ली की इशिता राठी ने शानदार सफलता के साथ परीक्षा में टॉप किया है. इसी सफलता के साथ इशिता को कलेक्टर का पद मिला. इशिता ने यह मुकाम अपनी कड़ी मेहनत और लक्ष्य पर पूरा फोकस करने के कारण हासिल किया है. हम कोशिश करेंगे कलेक्टर इशिता के जीवन के बारे में जानकारी देने की. जहां तक ​​इशिता के परिवार की बात है तो उनके परिवार के सभी सदस्य सरकारी सेवा में हैं. इशिता के पिता हेड कांस्टेबल हैं. तो उनकी मां भी वहां एएसआई हैं. दोनों पुलिस विभाग में कार्यरत हैं. इशिता के चाचा भी स्टेट बैंक में कार्यरत हैं. इशिता की तरह उसका भाई भी उसी परीक्षा की तैयारी कर रहा है.

इशिता ने अपने माता-पिता की इच्छा पूरी करने के लिए परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी. इशिता के माता-पिता चाहते थे कि उनकी बेटी यूपीएससी की तैयारी करके अपना नाम बनाए. तो इशिता ने तैयारी शुरू कर दी. इशिता की सफलता के बारे में उसके माता-पिता कहते हैं, यह उसके सपनों की सफलता है. इशिता की सफलता से उसके माता-पिता बहुत खुश हैं. उन्हें न केवल अपने माता-पिता पर बल्कि पूरे परिवार और पूरे शहर पर गर्व है.

इशिता की स्कूली शिक्षा की बात करें तो उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली के डीएवी स्कूल से पूरी की है. इशिता ने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने अपनी डिग्री के लिए लेडी श्री राम कॉलेज, दिल्ली को चुना. वहां भर्ती इशिता ने लेडी श्रीराम कॉलेज से अर्थशास्त्र की पढ़ाई की. वहीं से इशिता ने एमए पूरा किया. इसी बीच इशिता ने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी. पहले प्रयास में उसे सफलता नहीं मिली.

लेकिन उसने हार नहीं मानी. दो बार असफल हुए लेकिन असफल रहे और तीसरे प्रयास में सफल हुए. परिणाम घोषित होते ही इशिता के परिवार वाले लड़की की सफलता से खुश हो गए. इशिता भी अपने माता-पिता के सपने को पूरा कर काफी खुश है. जब इशिता से उनकी सफलता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्होंने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया है. वह कहती हैं कि बिना फोकस के जीवन में कुछ भी हासिल नहीं होता है इसलिए आपके लक्ष्य पूरी तरह से स्पष्ट होने चाहिए.

वह (आईएएस इशिता राठी) कहती है कि उसे यह सफलता उसके माता-पिता की वजह से ही मिली है. उसका भी यही सपना था. उन्हीं की प्रेरणा से उन्हें इसमें सफलता मिली है. वह अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं. इशिता परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों से कहती है कि अगर आपका लक्ष्य स्पष्ट है और आप इसके लिए ईमानदारी से तैयारी करते हैं, तो आप निश्चित रूप से सफल होंगे. पढ़ना सीमित है लेकिन फिर से पढ़ना वह मंत्र है जो इस परीक्षा में सफलता की राह आसान बनाता है.

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