पिता से 70 हजार रुपये लेकर शुरू किया खतरनाक बिजनेस, आज सालाना करते है 300 करोड़ रुपये का बिजनेस

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भारत के मशहूर क्रिकेटर विराट कोहली, रोहित शर्मा से लेकर वॉलीवुड की खूबसूरत एक्ट्रेस नेहा धूपिया और प्रीति जिंटा भी इनकी यूज्ड और प्री-ओन्ड कारों के दीवानें बन चुके हैं. कभी इन्होंने सिर्फ लगभग 70 हजार रुपए से अपने इस कारोबार को शुरू करा था और आज वे 300 करोड़ रुपए के कारोबार के मालिक बन चुके हैं. उस व्यक्ति का नाम है जतिन आहूजा और ये शख्स बिग बॉय टॉयज के फाउंडर हैं.

जब अप्रैल 2020 में कोरोनावायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के दौरान नए वाहनों, खासकर कारों की बिक्री लगभग बलकुल बंद ही हो चुकी थी, तब भी लगभग 13 करोड़ रुपए की 12 लग्जरी कारें जतिन आहूजा की इस कंपनी ने बेच डालीं थी.

जतिन आहूजा का मकसद लक्जरी कारों को ज्यादा से ज्यादा लोगों के लिए सुलभ बनाना और हर तरह के तबके तक पहुंचाना था. लिहाजा सेकेंड हैंड कारों को बिलकुल शानदार तरीके से लक्जरी काराें में बहुत ही कम कीमत में बदला जाता है.

बचपन में ही आ गया था जतिन आहूजा को कारों काे लक्जरी बनाने का आइडिया

जतिन आहूजा बताते हैं कि कारों के लिए जतिन का यह पैशन अचानक से ही उठा किसी भी तरह का कोई खयाल भर भी नहीं बल्कि सालों-साल से उनकी ज़िंदगी के बहुत ही ज्यादा करीब रहा और सिर्फ यही वजह है कि सिर्फ छठी क्लास में ही जतिन के दिमाग में इस पुरे बिजनेस का ख्याल आ चूका था और सिर्फ 17 साल की उम्र में ही जतिन आहूजा एक बिज़नेस वेंचर के रूप में खड़ा कर देने की कोशिशें शुरू कर दी थीं. जतिन आहूजा ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करी हुई है और दिल्ली विश्वविद्यालय से एमबीए की पढ़ाई पूरी करी हुई है.

जतिन आहूजा ने कार के नवीनीकरण में अपने इस शानदार कौशल का भरपूर इस्तेमाल करा हुआ है और इसके साथ ही अपने बिज़नेस मॉडल पर भी बहुत ही ज्यादा गंभीरता से काम करना शुरु कर दिया था. जतिन ने बिग बॉय टॉयज़ की शुरुआत अपने पिता से 70,000 रुपए की उधारी लेकर फिएट पालियो से करी थी और फिर साल 2009 में दिल्ली में एक बहुत ही छोटा-सा स्टूडियो भी खोला.

25 लाख में बेची थी पहली कार

साल 2005 में जतिन आहूजा अपनी पहली डील में मुंबई की बाढ़ में बिलकुल ही खराब हुई मर्सिडीज कार को जतिन आहूजा ने बिलकुल अच्छी तरह से सही कर के 25 लाख में बेच दिया था. फिर इसके बाद जतिन आहूजा ने इन लक्जरी कार के साथ-साथ नए मोबाइल नंबर पर भी काफी ज्यादा ध्यान देना शुरू कर दिया था.

साल 2006 में मार्किट में फैन्सी मोबाइल नंबर की बहुत ही ज्यादा बढ़ती हुई डिमांड को देखते हुए लगभग 1200 सिम कार्ड 99999 की सीरीज वाले जतिन ने खरीद लिए, जिनसे जतिन आहूजा ने लगभग 24 लाख का बिजनेस करा था और साल 2007 में उनकी कमाई का आंकड़ा लगभग 2 करोड़ तक पहुंच चूका था.

6000 से भी ज्यादा लोगों तक पहुंचा चुकें हैं कार

साल 2009 के बाद में जतिन आहूजा ने पीछे मुड़कर कभी भी नहीं देखा और अब तक जतिन आहूजा भारत के कई अलग शहरों में लगभग 6,000 से भी ज्यादा लोगों तक अपनी शानदार कारें पहुंचा चुके हैं.

जतिन आहूजा की इस कंपनी में बीएमडब्ल्यू के साथ ही बेंटले जीटी/जीटीसी, लेम्बोर्गिनी गैलार्डो, एवेंटाडोर, रेंज रोवर्स जैसी कारों की मांग भी काफी ज्यादा बड़ी तादात में हैं. यह कंपनी इन सभी कारों के साथ-साथ ही कई अन्य लग्जरी ब्रांड जैसे कि फरारी, एस्टन मार्टिन, रोल्स रॉयस, बेंटले, मैसेराटी और लैंबोर्गिनी की प्री-ओन्ड कारें भी बेचती होती है.

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