माँ से 500 रुपये लेकर आ गए थे मुंबई, वडापाव खाकर भरा पेट, अब 20 करोड़ रुपये के मालिक है

0
457

रवि किशन उन अभिनेताओं में से हैं जिन्होंने दिन-रात कड़ी महेनत और संघर्ष करके एक बड़ा मुकाम हासिल करा है. आज के समय में रवि किशन के करोड़ों में फैन हैं. उनकी एक्टिंग को काफी लोग पसंद करते हैं. तो आइए जानते हैं कि कैसे वह मुंबई पहुंचे और वहां से संसद तक का सफर तय किया.

बचपन से ही था अभिनय का शौक
रवि किशन का असली नाम रविंद्रनाथ शुक्ला है. वह उत्तर प्रदेश के जौनपुर के रहने वाले हैं. उन्हें बचपन से ही अभिनय का शौक था. रवि किशन जब छोटे थे तो रामलीला में सीता का किरदार निभाया करते थे. मगर रवि किशन के पिता इसके खिलाफ थे. मगर रवि किशन उनके मना करने के बावजूद भी एक्टिंग करते होते थे.

रवि किशन ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके सपने को पूरा करने में उनकी मां ने उनका काफी ज्यादा साथ दिया है. उनकी मां ने जमा करे हुए कुछ पैसे रवि को दे दिए थे जिससे रवि किशन मुंबई आए थे. मगर मुंबई पहुंचने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि यहां काम मिलना आसान नहीं है. कुछ ही दिनों में उनके पैसे खत्म हो गए.
मुंबई में रहने के लिए उन्होंने कई जगह जॉब भी की.

इस तरह करी शुरुआत
रवि किशन ने बताया था कि उन्होंने एक समय ऐसा भी देखा जब उनके पास खाने तक के लिए पैसे नहीं होते थे रहने के लिए घर नहीं होता था. काम मिलता तो खाने के पैसे मिलते. नहीं तो भूखे पेट सोना पड़ता. वहीं उनकी मां को उनकी एक्टिंग करना पसंद था. रवि की मां ने उन्हें एक्टिंग के लिए मुंबई जाने के लिए पैसे भी दिए थे.

धीरे-धीरे उनकी महेनत रंग लाने लगी और उन्हें फिल्मों में काम मिलने लगा. रवि किशन की पहली फिल्म पीतांबर थी और फिल्म से मिले पैसों से उन्होंने अपने पिता का कर्ज चुका दिया था. उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. रवि किशन को एक के बाद एक फिल्में मिलने लगीं. वह भोजपुरी के सुपरस्टार बन गए. इसके अलावा उन्होंने तमिल, कन्नड़, बॉलीवुड, और तेलुगु सिनेमा में भी फिल्में करी हुई है.

राजनीति में भी आजमाई किस्मत
रवि किशन ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कांग्रेस से करी थी. वह 2014 में कांग्रेस के स्टार प्रचारक थे उन्होंने साल 2014 में जौनपुर से चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. लोकसभा चुनाव से पहले रवि किशन बीजेपी में शामिल हो गए थे. उन्हें तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मनोज तिवारी ने भाजपा की सदस्यता दी थी. इसके बाद उन्होंने 2019 में गोरखपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा. इस चुनाव में उन्होंने जीत हासिल करी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here