हनीमून को न जाकर पत्नी से पढाई करवाई, 2 साल में पत्नी को बनाया अफसर; पति ने किया सल्यूट

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शादी के बाद लड़कियों को अपने ससुराल जाकर खुद को परिवार में एक रहना होता है. अपनी ख्वाहिशों और सपनों को दरकिनार कर उसे अपने ससुराल वालों के जेहन में रहना पड़ता है. लेकिन कुछ अपवाद भी हैं. ऐसा ही एक अपवाद सतारा के जयदीप पिसाल हैं. जयदीप पिसल की कहानी पढ़कर आप भी उन्हें सलाम करेंगे.

जयदीप पिसाल बचपन से ही मेहनती थे. उन्होंने अच्छी शिक्षा प्राप्त की. जयदीपाने ने एक समय गन्ने का ज्यूस भी स्टेशन पर बेचा था. वह 3 मिनट के लिए ट्रेन रुकने के बाद कुछ पैसे बचाने के लिए उसी 3 मिनट में 10-12 गिलास जूस बेच देता था उन्होंने एमपीएससी की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत की और एक नहीं बल्कि दो बार परीक्षा पास की. उन्हें एक बार पीएसआई (पुलिस सब इंस्पेक्टर)और एक बार दूसरी पोस्ट मिली थी. लेकिन उनके दिमाग कुछ और ही था.

वह गांव की सेवा करना चाहते थे. जॉब ज्वाइन नहीं किया. गांव की सेवा शुरू की . एमपीएससी पास करने के बाद उन्होंने हीरो होंडा की फ्रेंचाइजी उस गांव में ले ली जहां उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया था. बाद में वे राजनीति में आ गए और पलाशी गांव के सरपंच बने. उन्होंने गांव में बहुत काम किया. सीमेंट की सड़कें बनाईं, गांवों के पास सड़कें बनाईं. कई पुरस्कार भी जीते.

लेकिन इतने बड़े पद को ठुकराने के बाद गांव के लोगों ने उसका मजाक उड़ाना शुरू कर दिया. गांव के युवा उसकी ओर देखने लगे. लेकिन जयदीप को कोई फर्क नहीं पड़ा और जीवन में लड़ते रहे. वहीं कल्याणी पर उनका दिल आगया. लेकिन कल्याणी के परिवार ने उन्हें बेटी देने से मना कर दिया. कल्याणी के पिता ने भी पद स्वीकार नहीं करने के लिए उनकी आलोचना की.

लेकिन जयदीपने ने कल्याणी के पिता से कहा कि वह उनकी बेटी को 2 साल में पीएसआई (पुलिस सब इंस्पेक्टर) बना कर दिखाएंगे . उसके बाद कल्याणी को जयदीप मिल गया. बाद में उन्होंने शादी कर ली. सारी रस्में बीत गईं. सत्यनारायण की पूजा की गई. लेकिन पति अपनी पत्नी को हनीमून पर नहीं ले गया बल्कि उसे पंजाबी पोशाक, किताबें और पढ़ने के लिए एक अलग कमरा दिया.

जयदीपने ने कल्याणी को पढाई के पाठ पढ़ाया. उन्होंने बिना चैट किए सामान्य ज्ञान पढ़ाना जारी रखा. जयदीपने ने अपनी बात सच की. कल्याणी ने 2 साल में एमपीएससी पास की. उसकी ट्रेनिंग शुरू हुई. उस समय जयदीप के ससुर ने पूछा, ”हीरो-होंडा का धंधा फल-फूल रहा है, गांव में सरपंच, इलाके में दबदबा, लोगों का अभिवादन, अबऔर क्या सपना रह गया ?”

जयदीप ने जवाब दिया, “अंकल, मुझे सब कुछ मिल गया, उसने अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली, मैं अपनी पत्नी को एक बार वर्दी में सलाम करना चाहता हूं”. कल्याणी फिलहाल मुंबई पुलिस में पीएसआई के पद पर कार्यरत हैं. इस पति को हमारा सलाम जिसने अपनी पत्नी को सुहागरात किये पीएसआई बना दिया.

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